2018 के व्याभिचार को मान्यता देने वाले अपने फ़ैसले में चन्द्रचुड ने
निवेदिता मेनन को कोट किया है वही जेएनयू वाली प्रोफेसर और चन्द्रचुड खुद किस
देश से पढ़ा है ये हम सब को पता है।
भारत की परिवार व्यवस्था को तोड़ने की कोशिश क्रिश्चियन डीप स्टेट तीन सौ
सालों से कर रहा है और वो अब बहुत हद तक कामयाब हो गए हैं। मैं चरण समझाता
हूं आपकों।
1. 1820 में ज़मीन को निजी सम्पत्ति बनाना यानी किसी एक व्यक्ति के नाम पर
ज़मीन इससे पहले ज़मीन गांव कि होती थी और खेती करने के लिए पुरा परिवार एक
साथ गांव कि ज़मीन का कुछ हिस्सा राजा से प्राप्त करता था बदले में कर देता
था और परिवार के बीच सम्पत्ति को लेकर कोई झगड़ा नहीं लेकिन इसके बाद होने
लगे
2. तो 1822-70 के बीच में एक दर्जन छोटे बड़े कोर्ट बनाएं गए
3. 1826 में सती प्रथा रोकनें के नाम पर महिलाओं को निशाना बनाया गया
4. 1880-1890 के मध्य आई पी सी और सी आर पी सी बनाकर परिवारों को छोटे छोटे
झगड़ों में आपस में लड़वाया गया और कोर्ट को समाधान कि तरह पेश किया गया
जिसकी वर्षों कि लंम्बी प्रकिया बनाई गई जबकि गांव कि पंचायत पहले एक दिन मे
समाधान कर देती थी।
5. फिर तो हम सब जानते हैं कि कैसे हिन्दू कोड बिल लाया गया 1952-55 में और
लाने वाले वही कथित प्रोग्रेसिव विचारक जो विदेशी वामपंथी विचारधारा से
प्रभावित थे।
6. फिर विडंबना देखिए कि हमारी धन सम्पत्ति लुटने वाले हमारे कथित नेताओं को
दो बच्चा कैम्पेनिंग शुरु करवाया।
7. इनका साथ दिया वालीवुड ने लगातार विदेशी कम्पनियों से पैसे लेकर ऐसी
फिल्में बनाई गई जिसमें घर के पुरुषों को बलात्कारी दिखाया गया महिलाओं को
उत्पिडन का शिकार दिखाया गया।
8. फिर 498A और डोमेस्टिक वायलेंस जैसे कानुनों को लाकर यह पुख्ता कर दिया
गया कि अब घर कि महिला ही संयुक्त परिवार नहीं रहने देगी। और इन कानुनों को
लाने के लिए दबाव बनाने वाली फेमिनिस्ट लगभग सभी किसी न किसी डिप स्टेट के
एनजीओ या फाउंडेशन से जुड़ी थी।
9. फिर 1992-95 के बाद से जब से टीवी घरों में लोकप्रिय हुआ तो इन्होंने वही
फिल्मों वाला ज़हर टीवी सिरियलो के माध्यम से डालना शुरु कर दिया।
10. आप और हम सब जानते हैं कि अपने जमाने के एक फ्लाप हिरो की बेटी आज जो
टीवी सीरियल बनाती है उसमें क्या दिखाया जाता है उसमे सास बहू को लड़वाया
जाता है ननद भाभी को लड़वाया जाता है ज़ो पहले भाभी होती है वही बाद में देवर
कि बीबी हो जाती है और न जाने क्या क्या। और आज उस महिला के पास पचास हजार
करोड़ की प्रोडक्शन कम्पनी है।
इसके सिरियलो ने लड़कियों के दिमाग में भर दिया कि एक साथ रहेंगे तो झगड़ा
होगा जीवन बर्बाद हो जाएगा तो वो विवाह होकर जाते ही पति को मां बाप से दुर
कर देती है। और भारत में व्याभिचार को कैसे बढ़ावा दिया गया इस पर तो कभी बात
ही नहीं की हैं मैंने।
और परिवार कि इस टुटन का फायदा उठाने के लिए डेढ़ मिलियन से ज्यादा एन जी ओ
चलाएं जा रहें हैं और बहुत पुराने आंकड़े के अधार पर हर साल भारत में बीस
हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपए तक इन एनजीओ को दान मिलता है यूरोप से
अमेरिका से भारत में खुशहाली लाने के लिए तो मतलब हम सब समझ सकतें हैं और हम
सब लोगों ने ताजा ताजा देखा हैं जब सरकार FCRA एमेड करना चाहती थी तो अमेरिका
में विरोध होने लगा था।
हम सब को यह याद रखना चाहिए कि इंडिया इज अ अन फिनिस्ड प्रोजेक्ट फार
क्रिश्चियन डीप स्टेट।
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