Saturday, July 28, 2018

व्यंग , मुफ्त की चाय

व्यंग , मुफ्त की चाय
मारे देश हिंदुस्तान में मुफ्त की चाय कोई नहीं छोड़ता | फिर चाहे कोई व्यक्ति अपने पैसे देकर किसी टी स्टाल पर चाय पी भी लें फिर भी अगर वही उसका दोस्त आकर उसे चाय पिलाई दो आदमी दोबारा मुफ्त की चाय पीने के लिए तैयार हो जाता है और पेट में दूसरी प्याली चाय के लिए जगह बनाने लगता है |

मेहमान नवाजी में चाय पिलाना यह हमारे देश की आम रवायत है | मगर कुछ लोग इसका नाजायज फायदा भी उठाते हैं | हमारे मोहल्ले में एक साहब हैं वह अपने दोस्तों के घर मेहमान बनकर जाते ही इसीलिए हैं कि मुफ्त की चाय पीने को मिल सके | और खुद के घर की चाय और शक्कर बची रहे | और हां पते की बात यह है क्यों वह साहब मेहमान बनकर जाते ही उन्हें दोस्तों के घर हैं , जिनके यहां गरम-गरम चाय पीने को मिलती है |

सबसे ज्यादा मुफ्त की चाय पीने की आदत सरकारी कर्मचारियों को होती है | मांग कर चाय पीते हैं |  कभी टेबल के ऊपर से तो कभी टेबल के नीचे से पीते हैं | मगर चाय पीते जरूर है | सरकारी कार्यालयों में तो आम जनता को चपरासी तक को चाय पिलाने पड़ती है ,  जिसे बाकायदा सरकारी कर्मचारियों को चाय पिलाने के लिए रखा गया है | खैर छोड़िए क्या किया जाए चाहे चीज ही ऐसी | मेरे भी चाय पीने का वक्त हो चला है , नमस्कार |

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       मेरा ये व्यंग आपको कैसा लगा है मुझे अपने कमेंट के जरिए जरुर बताइएगा | अगर अपनी रचना को प्रदर्शित करने में मुझसे शब्दों में कोई त्रुटि हो गई हो तो तहे दिल से माफी चाहूंगा |  एक नई रचना के साथ मैं जल्द ही आपसे रूबरू होऊंगा | तब तक के लिए अपना ख्याल रखें  अपने चाहने वालों का ख्याल रखें | मेरी इस रचना को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया | नमस्कार |

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